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वृश्चिक राशि (Scorpio): पूर्ण विवरण

वृश्चिक राशि का परिचय

वृश्चिक राशि भारतीय ज्योतिष में बारह राशियों में आठवीं राशि है। यह राशि उन लोगों की होती है जिनका जन्म 23 अक्टूबर से 21 नवंबर के बीच होता है (लग्न और चंद्र राशि पर निर्भर करता है)। वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल ग्रह (Mars) और सह-स्वामी केतु (Pluto, वैदिक परंपरा में मान्य) है। यह एक जलीय तत्व (Water Sign) की राशि है, जो गहराई, रहस्यमयता और परिवर्तन का प्रतीक है।


वृश्चिक राशि का प्रतीक

प्रतीक: 🦂 (बिच्छू)
वृश्चिक राशि का प्रतीक बिच्छू है, जो गहराई, रक्षा, और शक्तिशाली परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करता है।


वृश्चिक राशि की प्रमुख विशेषताएँ

  1. तत्व (Element): जल (Water)
    • भावनात्मक गहराई और अंतर्ज्ञान का प्रतीक।
  2. गुण (Quality): स्थिर (Fixed)
    • दृढ़ता और निश्चय का प्रतीक।
  3. स्वामी ग्रह (Ruling Planet): मंगल (Mars)
    • ऊर्जा, साहस, और शक्ति का कारक।
  4. शुभ रंग (Lucky Colors): लाल और मैरून।
    • ऊर्जा और आत्मविश्वास को बढ़ावा देते हैं।
  5. शुभ अंक (Lucky Numbers): 9, 18, 27।

वृश्चिक राशि के गुण (Strengths)

  • गहन (Intense)
  • वफादार (Loyal)
  • साहसी (Brave)
  • रहस्यमयी (Mysterious)
  • आत्मनिर्भर (Self-Reliant)

वृश्चिक राशि की कमजोरियाँ (Weaknesses)

  • जिद्दी (Stubborn)
  • बदला लेने वाला (Revengeful)
  • गुप्त स्वभाव (Secretive)
  • अत्यधिक संवेदनशील (Overly Emotional)
  • नियंत्रित करने वाला (Controlling)

वृश्चिक राशि का व्यवहार

  1. संबंधों में:
    • ये लोग गहरे और वफादार साथी होते हैं।
    • इनका स्वभाव रहस्यमयी होता है, जिससे ये अपने विचारों को छिपाए रखते हैं।
  2. करियर में:
    • इनका रुझान अनुसंधान, खगोलशास्त्र, चिकित्सा, और जासूसी जैसे क्षेत्रों में होता है।
    • ये कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और साहस दिखाते हैं।
  3. स्वास्थ्य:
    • प्रजनन तंत्र और जननांगों से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं।
    • मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए ध्यान और योग करें।

वृश्चिक राशि के शुभ और अशुभ तत्व

शुभ

  • शुभ दिन: मंगलवार और गुरुवार।
  • शुभ रत्न: मूंगा (Red Coral)।
  • शुभ धातु: तांबा (Copper)।
  • शुभ दिशा: दक्षिण (South)।

अशुभ

  • अशुभ रंग: हल्का नीला और हरा।
  • अशुभ दिन: शुक्रवार।

वृश्चिक राशि के लिए ज्योतिषीय उपाय

  1. मंगल ग्रह की शांति के लिए:
    • “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” मंत्र का जाप करें।
  2. दान:
    • मंगलवार को गुड़, तांबा, और लाल वस्त्र का दान करें।
  3. साधना:
    • गहरे ध्यान और साधना से मानसिक और भावनात्मक स्थिरता पाएं।

वृश्चिक राशि के प्रतीक और तत्व

  • 🦂 (बिच्छू): गहराई, रहस्यमयता, और आत्मरक्षा का प्रतीक।
  • 🌊 (जल): भावनाओं और अंतर्ज्ञान का प्रतीक।
  • ♂️ (मंगल): ऊर्जा, साहस, और शक्ति का प्रतीक।

वृश्चिक राशि का वार्षिक प्रभाव

वृश्चिक राशि के जातकों का जीवन मंगल ग्रह के गोचर और उनकी कुंडली में अन्य ग्रहों की स्थिति से प्रभावित होता है। ये परिवर्तन और आंतरिक विकास की ओर अग्रसर रहते हैं।


निष्कर्ष

वृश्चिक राशि के जातक गहरे, साहसी और रहस्यमयी स्वभाव के होते हैं। इनकी सबसे बड़ी ताकत इनका आत्मविश्वास और दृढ़ता है। हालांकि, इन्हें अपनी जिद्दी और नियंत्रित करने की प्रवृत्ति पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है।

प्रमुख प्रतीक:

  • 🦂 (बिच्छू)
  • 🌊 (जल)
  • ♂️ (मंगल)

📜 भगवान दास शर्मा
🎓 B.Sc (दिल्ली विश्वविद्यालय)
🔮 ज्योतिषाचार्य (भारतीय विद्या भवन)
📞 +91-9899768833